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ताजा चर्चाएँ

परिवार संस्था के बाद स्कूल एक ऐसी संस्था है,जहां बच्चें भरपूर और खुले अंदाज में सीखतें है.चूंकि...

द्वारा khemkaran soman | अक्टूबर 25, 2012

नासिर जी स्‍वैच्छिक शिक्षक मंच के सदस्य हैं जो की सैदाबाद,टोंक स्कूल में पढ़ाते हैं। पिछले २...

द्वारा imran khan | अक्टूबर 23, 2012

मेरे स्कूल में बच्चे गिनती बोलते हुए एक से पैंतीस तक सही बोलते है लेकिन उसके बाद छत्तीस और...

द्वारा kataria chanchalesh | अक्टूबर 19, 2012

बच्चे कीउन्नति के लिए समुदाय और अध्यापक के मध्य मधुर सम्बन्ध जरुरी है

द्वारा mohan upadhyay | अक्टूबर 19, 2012

भाषा शिक्षण मे शिक्षक सामान्यता चित्र दे कर बच्चो से कहानी या कविता लिखवाते है. इसके आलावा और...

द्वारा Mukul Arora | अक्टूबर 19, 2012

कक्षा शिक्षण हेतु शिक्षक की पूर्व तैय्यारी शिक्षण को बोधगम्य बनाती है |

द्वारा kailash bahuguna | अक्टूबर 19, 2012
 
द्वारा deepak negi | अक्टूबर 19, 2012

अभी अभी गूगल आई ऍम ई से टाइपिंग करते समय मैंने पाया कि पूर्ण विराम का चिन्ह नहीं लगा प् रहा हूँ...

द्वारा Vikas Agrawal | अक्टूबर 18, 2012

शिक्षा की चाह हर व्यक्ति के अन्दर जगाने की जरुरत है क्युकी यहीं से व्यक्ति को अपने भविष्य की...

द्वारा Brijesh Kumar | अक्टूबर 18, 2012

अनुशासन की पारम्परिक परिभाषा को बदलने की ज़रूरत है - इस पर आप के क्या विचार हैं?

द्वारा RAMNIK MOHAN | अक्टूबर 18, 2012

शिक्षक मात्र शिक्षण कार्य ही नहीं करता ,वह अपने मूल कार्य से अलग कार्य मैं व्यस्त रहता है

द्वारा anamika | अक्टूबर 17, 2012

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