शिक्षक विकास

पिथौरागढ़, उत्‍तराखण्‍ड से प्रकाशित पत्रिका 'शैक्षिक दख़ल' का जनवरी 2019 अंक 'होमवर्क' पर केन्द्रित है। शिक्षा के सन्‍दर्भ में विद्यालयों में होमवर्क का क्‍या मतलब है, वह किस तरह से शिक्षण में लाभदायक है,उसके क्‍या दुष्‍प्रभाव हैं, उसे कैसे बेहतर बनाया जा सकता है आद‍ि को ध्‍यान में रखकर रची गई सामग्री 26 विभिन्‍न लेखों,परिचर्चाओं और साहित्‍य के माध्‍यम से रखने की कोशिश की गई है। पत्रिका की पीडीएफ यहाँ से डाउनलोड की जा सकती है।

 

अज़ीम प्रेमजी फाउण्‍डेशन, देहरादून द्वारा प्रकाशित पत्रिका 'प्रवाह' का अक्‍टूबर 2018- जनवरी 2019 अंक आ गया है। उसे आप यहाँ नीचे दी गई लिंक से डाउनलोड कर सकते हैं।

अब्‍दुल कलाम

बच्चे अपने परिवेश और आसपास घट रही घटनाओं से निरन्तर कुछ न कुछ सीखते रहते हैं। वे कुछ अनुमान लगाते हैं,स्वयं से अनुभव करते हैं और बड़ों से संवाद करते हुए अपनी समझ को विकसित करते हैं। इस पूरी प्रक्रिया में उनके भीतर की जिज्ञासा, कौतूहल, आनन्‍द की अनुभूति व मन में उठ रहे प्रश्न उन्हें कुछ नया खोजने की ओर प्रेरित करते हैं।

अज़ीम प्रेमजी स्‍कूल, सिरोही, राजस्‍थान की पत्रिका 'समय' के जनवरी,2019 अंक की  पीडीएफ यहाँ उपलब्‍ध है। पत्रिका में स्‍कूल के शिक्षकों के लेख तथा स्‍कूल की गतिविधियों को प्रकाशित किया गया है।

अंजना त्रिवेदी

सुशील जोशी

अब  तक  हमने  ऐसे  प्रयोगों  पर चर्चा की जिनमें किसी परिकल्पना के सत्यापन, कुछ नियमों के प्रतिपादन या किन्हीं परिकल्पनाओं के बीच चुनाव के लिए प्रयोग किए जाते हैं। अब देखते हैं कि विज्ञान में प्रयोगों की अन्य भूमिकाएँ क्या हो सकती हैं।

प्रतिभा कटियार

भिन्‍न एवं परिमेय संख्‍याओं में अन्‍तर को समझाने के लिए निदेश सोनी वीडियो के माध्‍यम से एक प्रयास कर रहे हैं। इस क्रम में यह उनका चौथा वीडियो है। देखें और इसका लाभ उठाएँ।

सुशील जोशी

पिछले भाग में हमने बात को इस सवाल पर छोड़ा था कि लैमार्क के अर्जित गुणों के हस्तान्तरण और डार्विन की विविधता में से चयन की परिकल्पनाओं के बीच फैसला जैव-विकास की अवधारणा को आगे ले जाने के लिए निर्णायक महत्व का सवाल था। हमने यह भी देखा था कि इस  दुविधा  का  समाधान  सिर्फ अवलोकनों के आधार पर नहीं हो सकता। अब आगे बढ़ते हैं।

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