शिक्षक विकास

घोंसला बनाने में, हम यूँ मशगूल हो गए !

उड़ने को पंख भी थे, ये भी भूल गए !!

शिक्षा के सरोकार शृंखला के तहत अज़ीम प्रेमजी विश्‍वविद्यालय ,बेंगलूरु एवं शिक्षा संकाय, दिल्‍ली विश्‍वविद्यालय के संयुक्‍त तत्‍तावधान में 11 से 13 अक्‍टूबर,2019 तक दिल्‍ली में एक संगोष्‍ठी का आयोजन किया गया। संगोष्‍ठी का विषय था गणित शिक्षण : अपेक्षाएँ और चुनौतियाँ। इस संगोष्‍ठी में देश भर से आए भागीदारों ने 45 से अधिक परचों को प्रस्‍तु‍त किया। उपस्थित श्रोताओं और भागीदारों ने उस पर चर्चा की। संगोष्‍ठी में आए परचों के एब्‍स्‍ट्रैक्‍ट की एक पुस्तिका 'बानगी' का इस अवसर पर जारी की गई।

पाठशाला-भीतर और बाहर :  अंक 3  अगस्‍त 2019 में

 

सम्‍पादकीय

सामयिक : राष्‍ट्रीय शिक्षा नीति (प्रारूप) 2019

परिप्रेक्ष्‍य

आचार्य से गुरु, उस्‍ताद से पीर * सी.एन.सुब्रह्मण्‍यम

यहाँ मुद्दा यह नहीं है कि बच्चे कैसे सीखते हैं ? मुद्दा यह है कि  “हम बच्चों को कैसे सिखाते हैं? क्योंकि जब हम शिक्षक इस मुद्दे पर शैक्षिक विद्वता दिखाने का एक पल भी कभी नहीं छोडते कि बच्चे कैसे सीखते हैं ? तो फिर हमारे लिए यह जानना और समझना भी उतना ही जरूरी हो जाता हैं कि हम बच्चों को कैसे सिखाते हैं ?

मेरे प्यारे बच्चो,

विद्यालय की अवधारणा में बहुत सारी बातों, विचारों व प्रक्रियाओं को शामिल किया गया है। अक्सर उन पर शिक्षक समाज में हर अवसर पर बात करने के अवसर भी निकाले जाते रहे हैं। विद्यालय की संरचना को और ठोस रूप देने या यूँ कहा जाए, कि विद्यालय के आदर्श स्वरूप को परिभाषित करने को हर शिक्षक तत्पर भी दिखाई देता है क्योंकि शिक्षक तभी शिक्षक है जब विद्यालय है। नहीं तो शिक्षक का अपना कोई स्वरूप समाज में बनता दिखाई नहीं देता। एक समय था जब शिक्षक का स्वरूप समाज में अलग तरह का था। विद्यालय के भौतिक स्वरूप व संसाधनों का इतना महत्व नहीं था

भोपाल में शिक्षकों का रचनात्‍मक मैत्री समूह 'शिक्षक सन्‍दर्भ समूह' नाम से कार्यरत है। इस समूह ने 104 विभिन्‍न शिक्षकों की शैक्षिक यात्रा तथा उनके शैक्षिक अनुभवों को एकत्र किया है। इन्‍हें एड एट एक्‍शन तथा अन्‍य संस्‍थाओं की मदद से एक किताब का रूप दिया गया है। इसका नाम है 'शिक्षकों की शैक्षिक यात्रा'।

किताब की पीडीएफ यहाँ उपलब्‍ध है

अज़ीम प्रेमजी फाउण्‍डेशन, देहरादून, उत्‍तराखण्‍ड द्वारा प्रकाशित पत्रिका का फरवरी-अप्रैल 2019 अंक।

राष्‍ट्रीय शिक्षा नीति -2019 का प्रारूप आया है। राज्‍यसभा टीवी ने इसकी मुख्‍य बातों को आधार बनाकर एक कार्यक्रम तैयार किया है। इसमें शिक्षा नीति बनाने वाली समिति एक सदस्‍य भी इसकी खासियत बता रहे हैं।

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