कक्षा संसाधन

विपुल कीर्ति शर्मा

चुनाव की प्रक्रिया सचमुच जटिल होती है। लिखित रूप में वह आसानी से समझ नहीं आती। लेकिन अगर उसे खुद करके देखा जाए, तो बहुत संभव है कि जल्‍द समझ आ जाए। शासकीय माध्‍यमिक विद्यालय पैंडोनी, पांढुरना जिला छिंदवाड़ा, मप्र के बच्‍चों ने इसे करके देखा। उन्‍होंने अपने स्‍कूल की बाल कैबिनेट का गठन चुनाव से किया। चुनाव की पूरी प्रक्रिया की गई। इस वीडियो में उसकी एक झलक है।

भौतिक शास्‍त्र में गति की अवधारणा समझने के लिए अज़ीम प्रेमजी फाउण्‍डेशन स्‍कूल,टोंक के बच्‍चों ने कुछ खिलौने और प्रयोग बनाए। सबसे दिलचस्‍प बात यह है कि केवल बनाया ही नहीं, उससे उन्‍होंने समझा भी। साथ ही औरों को भी समझाया।

भारती प‍ंडित

सीमा वाही मुखर्जी

उत्तर है - कहानी सुनाकर! और इस लेख का उद्देश्य यह दिखाना है कि कैसे कहानी के माध्यम से प्राथमिक शाला में गणित के मापन के विषयों को सार्थक और प्रासंगिक बनाया जा सकता है।

अज़ीम प्रेमजी फाउण्‍डेशन के ब्‍लाक एक्‍टविटी सेंटर,पीपलू,टोंक ने जयकिशनपुरा के एक स्‍कूल में एक बाल मेले का अायोजन किया। इस मेले में गणित,विज्ञान तथा अन्‍य विषयों को केन्‍द्र में रखकर विभिन्‍न गतिविधियॉं की। बच्‍चों ने इनमें बढ़-चढ़कर भाग लिया। आयोजको ने इसमें शामिल शिक्षकों से भी बात की और मेले के बारे में उनकी राय जानी।

आप भी इस वीडियो को द‍ेखिए। संभव है,इसे देखकर आपको भी कुछ नए विचार सूझें।

महेश झरबड़े

बच्‍चों में अपने परिवेश का अवलोकन एवं उसके बारे में लिखने की क्षमता बढ़ाने के लिए इस तरह के प्रयास भी किए जा सकते हैं। उत्‍तराखण्‍ड के एक अखबार अक्‍कड़-बक्‍कड़ ने यह अनोखा प्रयास किया है। नीचे दिया अखबार का यह पन्‍ना विभिन्‍न स्‍कूलों में बँटवाया गया।

पृष्ठ

18615 registered users
7272 resources