कक्षा 6-8

समय एक ऐसी अवधारणा है जो मानव द्वारा प्रतिदिन इस्‍तेमाल की जाती है और सम्‍भवत: जानवरों व पौधों के जीवन में भी सहज रूप से इसका इस्‍तेमाल होता है। मुर्गे को पता होता है कि उसे बाँग कब देनी है। फूलों को पता होता है कि उन्‍हें कब अपनी पंखुडि़याँ खोलनी हैं। पेड़ों को पता होता है कब अपने पत्‍ते झड़ाने हैं।

बहुत से बच्‍चों के लिए इबारती सवाल किसी अवरोध की तरह होते हैं। इनमें वे बच्चे भी शामिल हैं जो संक्रियात्‍मक (संक्रियाओं का इस्‍तेमाल कर गणना करना) और प्रक्रियात्‍मक कौशलों में निपुण होते हैं। कई बच्‍चे संकेत शब्‍दों जैसे कुल मिलाकर, अन्‍तर, जोड़ इत्‍यादि की तलाश के आधार पर इबारती सवालों को हल करने का तरीका विकसित कर लेते हैं। लेकिन इस तरीके का महत्‍व बहुत ही सीमित होता है। ऐसे बच्‍चे सवाल हल करने के लिए कौन-सी संक्रिया इस्‍तेमाल करनी है यह जानने के लिए आमतौर पर अनुमान का सहारा लेते हैं। इबारती सवालों से सामना होने पर ऐसे बच्‍चे गणि

हम तेजी से बढ़ती हुई एक ऐसी दुनिया में रह रहे हैं जहाँ ऐसा प्रतीत होता है जैसे सभी दिशाओं से बड़ी संख्‍याओं की बमबारी हो रही हो। वैश्‍वीकरण और ज्ञान के विस्‍फोट का धन्‍यवाद, जिसकी वजह से नियमित रूप से हमारा सामना बहुत बड़ी-बड़ी संख्‍याओं से होता है। फिर भी, यहाँ एक प्रासंगिक सवाल यह उठता है कि ‘क्‍या इन संख्‍याओं से होता सामना इन संख्‍याओं के आकार की समझ बनाने का कारण बनता है?’ या फिर यह सम्‍भव है कि इन संख्‍याओं के निरन्‍तर उपयोग के कारण हम इनके आकार को कुछ कम करके आँकते हैं।  क्‍या इन संख्‍याओं से अत्‍याधिक परिचय सही दृष्टिकोण विकसित करने में बाधक है?

यह बात अच्छी हो या बुरी, मानव समाजों में स्कूली व्यवस्थाएँ अब स्थापित हो चुकी हैं। घर में ही स्कूलिंग को छोड़ दें तो स्कूल चाहे मुख्य धारा का हो या वैकल्पिक, बच्चे घर और माता-पिता से दूर वयस्कों के एक और समूह के पास जाते हैं, जिन्हें शिक्षक कहते हैं और यहाँ वे एक ऐसी गतिविधि के लिए जाते हैं जिसे हम शिक्षा कहते हैं। स्कूलों में शिक्षा कमोबेश स्पष्ट लक्ष्यों के साथ की जाने वाली गतिविधि है। स्कूलों ने ज्ञानार्जन के इस प्रोजेक्ट के एक बड़े हिस्से को (व्यावसायिक तथा आर्थिक मायनों में) अपने व्यापार के तौर पर ले लिया है। स्कूल व्यक्तियों को भविष्य में किसी पेशे के लिए त

शिक्षण योजना एवं उद्देश्य

इस वीडियो में  'जादुई नदियाँ, मन्दिरऔर फूल' पहेली का उत्‍तर है। जैसा हमने कहा था, सबसे पहले हम यहां पर 3 मंदिर व नदियों के लिये फूलों की संख्‍या को बीजगणितीय तरीके से निकालने का प्रयास कर रहे है, फिर 2 मंदिर, 3 मंदिर , 4 मंदिर की पहेली को हल करने के बाद उसके उत्‍तरों से निकले पैटर्न को देखेंगे। और इस पैटर्न का सामान्‍यीकरण करके हम एक सूत्र बनाने की ओर बढ़ेंगे।

 

जब आप विज्ञान यह सोच कर पढ़ाते हैं कि इसके द्वारा बच्चों में कुछ स्किल्स या क्षमताओं का विकास करना है तो निश्चित ही उसके कुछ परिणाम भी समय-समय पर मिलते रहते हैं। जैसे विज्ञान में प्रश्न पूछने और प्रश्नों के उत्तर जानने के लिए खोजबीन करना एक विशेष स्किल है।

कोरोना वायरस का फैलता संक्रमण तरह-तरह की आंशकाओं को जन्म दे रहा है। इसे लेकर अवैज्ञानिक सूचनाएँ/अफवाहें भी फ़ैलाई जा रही हैं। ऐसे में बच्चों और बड़ों दोनों को कोरोना वायरस और इससे फैलने वाली बीमारी के बारे में सही-सही जानकारी उपलब्ध कराने की जरूरत है। इस जरूरत को देखते हुए

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