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घर में अगर पशु हों, खासकर दूध देने वाले पशु, तो बच्‍चों में उनकी गतिविधियों के प्रति गहरी जिज्ञासा रहती है। वे उनके बारे में ज्‍यादा से ज्‍यादा जानना चाहते हैं।

जब घर में गाय कोई बच्‍चा देने वाली होती है, तो किस तरह की हलचल होती है, इसे एक बच्‍चे ने आँखों देखे हाल की तरह अपनी भाषा में लिखा था। यह एकलव्‍य की बाल विज्ञान पत्रिका 'चकमक' में प्रकाशित हुआ था। एकलव्‍य ने इसे एक सु्न्‍दर चित्रित किताब केे रूप में प्रकाशित किया है। साथ ही इस पर एक वीडियो भी जारी किया है। 

"जुगनू क्यों चमकता है , किया उसके पास छोटी सी टोर्च होती है? या आग? जुगनू के अंडे और बच्चे भी किया इसी तरह चमकते हैं? किया अगर हम जुगनू को छूएंगे तो हाथ जल जाएंगे?" 

हर बरस 31 जुलाई को कथा सम्राट प्रेमचन्‍द का जन्‍मदिन होता है। प्रेमचन्‍द ऐसे कथाकार रहे हैं, जिनकी कहानियॉं प्राथमिक कक्षाओं से लेकर महाविद्यालय तक विभिन्‍न कक्षाआें में पढ़ाई जाती हैं। ईदगाह,पंच परमेश्‍वर,कफन,पूस की रात, नमक का दरोगा, बड़े भाई साहब आदि ऐसी ही कहानियाँ हैं।

'बूढ़ी काकी' भी उनकी ऐसी ही एक कहानी है। काकी जिसने अपनी सारी जायजाद अपने देवर के बेटे के नाम कर दी है। लेकिन वे अब उसका ध्‍यान नहीं रखते हैं। ठीक से खाने को भी नहीं देते। ऐसे में घर की एक बच्‍ची काकी का ध्‍यान रखती है।  

एक छोटी लड़की की कहानी, जिसकी मॉं किसी रेस्‍टोरेंट में वेटर का काम करती है और पैसे जमा करती है कि एक दिन एक आराम कुर्सी खरीदी जाएगी। आगे क्‍या होता है, यह जानने के लिए वेरा बी.विलिअम्‍स की यह किताब पढ़नी होगी।

उच्‍च प्राथमिक कक्षाओं में अँग्रेजी शिक्षण होता है। लेकिन बच्‍चों ने क्‍या सीखा और वे किस तरह सीखते हैं, उसका उपयोग कैसे करते हैं, इसका आकलन भी होना चाहिए और निगरानी भी। यह वीडियो एक स्‍कूल में ऐसे ही एक प्रयास को दर्शाता है।

कविता साहित्य की एक विधा है। कविता कवि की सौन्दर्यानुभूति की अभिव्यक्ति है, कवि की व्यथा की अनुभूति है, कवि की आकांक्षाओं- अपेक्षाओं की अभिव्यक्ति है। कविता लिखते समय जिस भाव के साथ लिखी जाती है, यदि पढ़ने वाला भी उसे उसी अर्थ और भाव के साथ उसे समझ सके तो कविता लिखने का उद्देश्य सार्थक हो जाता है।

शिक्षा का माध्यम मातृभाषा क्यों न हो ?

By अमरजीत सिंह | जुलाई 18, 2017

हमारे देश में विश्वविद्यालय स्तर पर शिक्षा का माध्यम अंग्रेजी भाषा को बनाया हुआ है ! और अब यह प्रवृति प्राथमिक शिक्षा और माध्यमिक शिक्षा में बढती जा रही है ! क्या इससे शिक्षा का स्तर ऊँचा होता है या और भी खराब होता है ?
शिक्षकों के अनुभव इस विषय पर क्या हैं ?

यह कहानी है एक बच्‍चे और बकरी के बीच लगाव की। बकरी ने दूध देना कम कर दिया है, उसे बेचने का फैसला का किया गया है। बेचने की जिम्‍मेदारी घर के एक बच्‍चे को दी गई है। वह उसे लेकर बेचने जाता है, ल‍ेकिन फिर रास्‍ते में कुछ ऐसा घटता है कि वह उसे लेकर घर वापस आ जाता है। कहानी हर उम्र के बच्‍चों को अच्‍छी लगेगी।

माध्‍यमिक कक्षाओं में अँग्रेजी शिक्षण के लिए शिक्षक स्‍थानीय संसाधनों का किस तरह उपयोग करते हैं, यह देखने लायक है।ध्‍यान देने की बात है कि वे पाठ्यपुस्‍तक का  उपयोग नहीं कर रहे, बल्कि ऐसे संसाधनों का उपयोग कर रहे हैं, जिनसे विद्यार्थियों में सीखने के प्रति रुचि जागृत होती है।

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