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अज़ीम प्रेमजी फाउण्‍डेशन, देहरादून, उत्‍तराखण्‍ड द्वारा प्रकाशित पत्रिका का फरवरी-अप्रैल 2019 अंक।

संज्ञा उपाध्‍याय की तीन बाल कविताएँ इस वीडियो में हैं। ये प्राथमिक कक्षाओं के विद्यार्थियों के लिए उपयोगी हैं। इनमें से एक कविता कुछ इस तरह है :

मकड़ी जाला बुनती है
नहीं किसी की सुनती है

पूरे घर को देखभाल कर
कोने-अँतरे चुनती है

दम साधे जाले में बैठी
गुर शिकार के गुनती है

अज़ीम प्रेमजी फाउण्‍डेशन, देहरादून द्वारा प्रकाशित पत्रिका 'प्रवाह' का अक्‍टूबर 2018- जनवरी 2019 अंक आ गया है। उसे आप यहाँ नीचे दी गई लिंक से डाउनलोड कर सकते हैं।

प्रतिभा कटियार

क्या आपको गरमी के दिनों में टोपी पहनना अच्छा लगता है? इस प्यारी-सी कहानी में सुनें कि टोपी पहनना और किसको पसंद है।

हिंदी

By rishusahu88@gma... | सितंबर 2, 2018

प्राथमिक कक्षाओं में इमला लेखन कराने से भाषा का विकास होता है ,
क्या यह भ्रान्ति है ?

कहानी शिक्षण का एक महत्वपूर्ण अंग है। हम अगर ये कहें कि कहानी से पढ़ाना बहुत ही सरल हो जाता है तो गलत न होगा। परन्तु यहाँ सोचने वाली बात यह है कि कहानी को बच्चों तक कैसे पहुँचाया जाए? जिससे कहानी बच्चों को रोचक भी लगे और साथ ही साथ वो बिना बोझ के सीख भी पाएँ।

खूब लड़ी मर्दानी, वो तो झॉंसी वाली रानी थी' कविता की लेखिका सुभ्रदा कुमारी चौहान की एक और कविता खिलौनेवाला का ऑडियो यहाँ प्रस्‍तुत है। कविता में बालमन की उड़ान है। हो सकता है कुछ विचारों से आप सहमत न हों, पर बालमन की बात तो सुननी ही चाहिए। तो इस कविता का प्रयोग आप कक्षा में भी कर सकते हैं।

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