सोनू राम कश्‍यप

‘‘अभी गाँव वालों से हमारा रिश्ता बहुत ही औपचारिक है उसमें आत्मीयता नहीं होती है। अभी जब हम गाँव में आते-जाते हैं तो लोग हमें सर नमस्ते जरूर कहते हैं। पर जब हम कुछ बोलते हैं तो वह सोचते हैं कि सरकारी आदमी हैं, ऐसा बोलते रहते हैं, पर कुछ करते नहीं है। इस सोच को अब हमें अपने काम के जरिये बदलना है।” सोनू राम कश्यप, प्रधान शिक्षक, नवीन प्राथमिक शाला, अटारगुड़ा, पोटानार,बस्‍तर,छत्‍तीसगढ़।

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