शिक्षा

हर युग में शिक्षकों और शिक्षा में उनकी केन्द्रीय भूमिका को मान्यता मिली है। लेकिन समय के साथ शिक्षकों की सामाजिक स्थिति और उनकी भूमिका में जो परिवर्तन आया है उस पर भी सहज ही ध्यान चला जाता है। पहले शिक्षकों को एक निर्विवाद गौरवपूर्ण स्थान प्राप्त था, जो यह जानते थे कि क्या पढ़ाना है और कैसे पढ़ाना है; लेकिन यह स्थिति बहुत पहले ही समाप्त हो चुकी है।i आज राज्य का आग्रह यह है कि शिक्षक की जवाबदेही के नाम पर शिक्षा में सार्वजनिक निवेश पर अधिकतम लाभ प्राप्त किया जाए जिसका इस्तेमाल शिक्षक की स्वायत्तता को धीरे-धीरे नष्ट करने के लिए किया गया है। राज्य ने शिक्षा की लागत

मनीष : आज के समय में आधुनिक शिक्षा गाँव को किस प्रकार प्रभावित कर रही है?

राष्‍ट्रीय विज्ञान दिवस पर कुछ करें न करें, अरविन्‍द गुप्‍ता को जरूर सुना जाना चाहिए। इस बरस उन्‍हें पद्मश्री से सम्‍मानित किया गया है। उनसे बेहतर विज्ञान का प्रचारक शायद ही आज कोई हो। वे केवल विज्ञानकर्मी नहीं हैं, उनमें एक चिंतक और सजग शिक्षाविद भी है।

दिनेश कर्नाटक उत्‍तराखण्‍ड में शासकीय शाला में शिक्षक हैं। वे एक कहानीकार भी हैं। इस नाते वे  शिक्षा और समाज के रिश्‍ते को एक अलग दृष्टि से भी देखते हैं। जब समाज की बात होती है, तो उसकी जो चुनौतियॉं और संकट हैं, वे हमारे सामने आ खड़े होते हैं। दिनेश जी ने इस वीडियो में शिक्षा और समाज के बीच की इन चुनौतियों और संकट को सामने रखने की कोशिश की है। यह वीडियो अपनी बात लोगों तक कैसे पहुँचाई जाए, इसका भी एक उदाहरण है।

यह उनके वीडियो का दूसरा भाग है।

दिनेश कर्नाटक उत्‍तराखण्‍ड में शासकीय शाला में शिक्षक हैं। वे एक कहानीकार भी हैं। इस नाते वे  शिक्षा और समाज के रिश्‍ते को एक अलग दृष्टि से भी देखते हैं। जब समाज की बात होती है, तो उसकी जो चुनौतियॉं और संकट हैं, वे हमारे सामने आ खड़े होते हैं। दिनेश जी ने इस वीडियो में शिक्षा और समाज के बीच की इन चुनौतियों और संकट को सामने रखने की कोशिश की है। यह वीडियो अपनी बात लोगों तक कैसे पहुँचाई जाए, इसका भी एक उदाहरण है।

जॉन होल्‍ट का नाम हर उस शिक्षक ने सुना होगा जिसकी रुचि शैक्षिक साहित्‍य पढ़ने में रही है। जॉन होल्‍ट स्‍वय शिक्षक थे और उन्‍होंने अपने शैक्षिक अनुभवों को कई किताबों की शक्‍ल में दुनिया के सामने रखा। जॉन होल्‍ट की प्रसिद्ध पुस्‍तकें हैं : How Children Fail (1964; revised 1982) , How Children Learn (1967; revised 1983) ,

'तारे जमीं पर' और 'थ्री इडियट' जैसी शिक्षा पर केन्द्रित फिल्‍में बनाने वाले सिने कलाकार आमिर खान शिक्षा के बारे में क्‍या कहते हैं, वह भी सुनने और गुनने लायक है।

शिक्षा पर विगत तीन-चार दशकों से चल रही शैक्षिक बहस में उत्‍पादक काम और उससे शिक्षा के जुड़ाव के मुद्दे ने खासी जगह हासिल की है। लेकिन इस बहस का मतलब क्‍या है ? इस बात को जाने-माने शिक्षाविद् अनिल सद्गोपाल ने अपने और तमाम अन्‍य संस्‍थाओं के काम के उदाहरणों के जरिए बहुत सरल शब्‍दों में इस साक्षात्‍कार में व्‍यक्‍त किया है।

शिक्षा पर विगत तीन-चार दशकों से चल रही शैक्षिक बहस में उत्‍पादक काम और उससे शिक्षा के जुड़ाव के मुद्दे ने खासी जगह हासिल की है। लेकिन इस बहस का मतलब क्‍या है ? इस बात को जाने-माने शिक्षाविद् अनिल सद्गोपाल ने अपने और तमाम अन्‍य संस्‍थाओं के काम के उदाहरणों के जरिए बहुत सरल शब्‍दों में इस साक्षात्‍कार में व्‍यक्‍त किया है।

स्‍कूल खुल चुके हैं। कक्षाएँ लग रही हैं। पर क्‍या उनमें बैठे विद्यार्थी वास्‍तव में खुश हैं? वे क्‍या चाहते हैं, यह जानने की कोशिश आपने कभी की है ? ऐसे ही कुछ सवालों से रूबरू कराती एक एनीमेशन फिल्‍म।

 

पृष्ठ

19170 registered users
7433 resources