कविता

'घर लौटते हुए प्रधानाचार्य श्री ए0के0 श्रीवास्तव ने कार्यशाला की प्रशंसा करते हुए कहा कि बच्चे के बहुमुखी विकास के लिए गणित या साइंस जैसे विषयों को पढ़कर ही नहीं चलेगा। बच्चों का बाल पत्रिकाओं और साहित्य से भी जुड़ना जरूरी है। रोज एक से रूटीन वर्क से बच्चे ऊब जाते हैं इसलिए कभी-कभी विद्यालय में कुछ हटकर भी होना चाहिए जिससे बच्चों में रचनात्मकता पैदा हो। इस तरह की गतिविधियाँ मोनोटोनस वातावरण को तोड़ कर बच्चों में ताजगी पैदा करती हैं। बच्चों में पढ़ने-लिखने के प्रति लगन पैदा करती हैं। किसी भी संस्थाध्यक्ष की इस तरह की प्रतिक्र

मौखिक रूप से शिक्षा प्राप्त करने पर बच्चे उस विषय वस्तु के प्रति रुचि का निर्माण नहीं कर पाते हैं और वे दी गई जानकारी को आत्मसात कर स्थाई रूप से संज्ञान में नहीं रख पाते हैं।
अतः बच्चों को विषयवस्तु की जानकारी देने से पूर्व उनमें विषयवस्तु के प्रति रूचि का विकास करना आवश्यक है।’

मोहम्‍मद सगीर खान

अमित कुमार

लोरी और शिशु गीत हम तीन माह के बच्चे को सुनाते आएँ हैं। तीन माह का बच्चा भी कभी-कभी अपने स्वरों से हमें इस बात का संकेत देता है कि उसे कुछ कर्णप्रिय सुनाई दिया है जो उसे भला-भला सा लगा है। धीरे-धीरे बच्चे की शब्द सम्‍पदा बढ़ने लगती है। बच्चा तीसरे साल में प्रवेश करते करते हम बड़ों की बातों को आसानी से ग्रहण करने लगता है और अपनी बात भी आसानी से व्यक्त करने लगता है।

प्रथम बुक्‍स 2004 में 'रीड इण्डिया' अभियान के अन्‍तर्गत शुरू हुई एक पहल है। रीड इण्डिया अभियान के तहत देश भर में बच्‍चों  में  किताब पढ़ने के प्रति रुचि पैदा करने का प्रयास किया जा रहा है।प्रथम बुक्‍स एक लाभकारी संस्‍था है जो बच्‍चों के लिए विभिन्‍न भारतीय भाषाओं में किताबों का प्रकाशन करती है। उनकी किताबें  इंटरनेट पर भी उपलब्‍ध हैं। प्रथम बुक्‍स के सौजन्‍य से हम उनकी कुछ उपयोगी किताबें पोर्टल पर भी उपलब्‍ध करा रहे हैं।

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