कविता

मैंने अपनी हिन्दी की कक्षा के लिए कुछ गतिविधियाँ निर्धारित कीं व कक्षा 1 से 5 तक समूह गतिविधियों के हिसाब से तय किए। बातचीत को अपने काम का आधार बनाया व उसे एक संसाधन के तौर पर इस्तेमाल किया।

डाॅ. हरिवंश राय बच्‍चन हिन्‍दी के जाने-माने कवि हुए हैं। 27 नवम्‍बर (1907) उनका जन्‍म दिन है। वे अपनी अमर कृति 'मधुशाला' के लिए जाने जाते हैं। पर उन्‍होंने ऐसा साहित्‍य भी रचा है जो बच्‍चों के लिए उपयोगी है। इस वीडियो में उनकी एक प्रसिद्ध कविता 'कोशिश करने वालों की हार नहीं होती, लहरों से डरकर नदिया पार नहीं होती' का पाठ है।

बच्‍चों के लिए उनकी दो और कविताएँ यहॉं हैं।

चिड़िया

यह छोटा सा वीडियो बताता है कि अगर शिक्षक नवाचारी हो तो वह अपनी कक्षा को कैसे रोचक बना सकता है। अपने विद्यार्थियों को कैसे अपने परिवेश की भाषा या बोली से जोड़ सकता है।

यह वीडियो हमें अज़ीम प्रेमजी फाउंडेशन संस्‍थान, उत्‍तरकाशी के सौजन्‍य से प्राप्‍त हुआ है।

कविता से कहानी की रचना किस प्रकार की जा सकती है इस समझ को विकसित करने के लिए यह गतिविधि करवाई जा सकती है।

बच्‍चों में भाषा और उनकी अभिव्‍यक्ति के विकास के लिए ऐसे मौके दिए जाना जरूरी हैं जो उनकी पाठ्यपुस्‍तक के अलावा हों। कविता रचना भी उनमें से एक है।

उत्‍तराखण्‍ड के शिक्षक महेश पुनेठा ने अपने विद्यालय के विद्यार्थियों के बीच दीवार पत्रिका पर एक कार्यशाला का आयोजन किया। इस कार्यशाला के अनुभवों को उन्‍होंने विस्‍तार से अपनी डायरी में दर्ज किया है। निश्चित रूप से उनके ये अनुभव अन्‍य शिक्षक साथियों के लिए महत्‍वपूर्ण रिसोर्स हैं। यहाँ प्रस्‍तुत है कार्यशाला के तीसरे और चौथे दिन के अनुभव। कार्यशाला के पिछले दिनों के अनुभव आप इन लिंक पर पढ़ सकते हैं -

उत्‍तराखण्‍ड के शिक्षक महेश पुनेठा ने अपने विद्यालय के विद्यार्थियों के बीच दीवार पत्रिका पर एक कार्यशाला का आयोजन किया। इस कार्यशाला के अनुभवों को उन्‍होंने विस्‍तार से अपनी डायरी में दर्ज किया है। निश्चित रूप से उनके ये अनुभव अन्‍य शिक्षक साथियों के लिए महत्‍वपूर्ण रिसोर्स हैं। यहाँ प्रस्‍तुत है कार्यशाला के तीसरे और चौथे दिन के अनुभव। कार्यशाला के पिछले दिनों के अनुभव आप इन लिंक पर पढ़ सकते हैं -

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