कविता

शैक्षिक पत्रिका 'पाठशाला - भीतर और बाहर' अंक 1 जुलाई, 2018 में प्रकाशित देवयानी भारद्वाज का यह लेख भाषा शिक्षण में कविता की जगह, उसे समझने के नजरिए, कविता को उपयोग में लाए जाने के तौर तरीकों के संदर्भ में स्‍कूली शिक्षक को मदद मिल सके इस दिशा में एक प्रयास है।
इसे पूरा पढ़ने के लिए पीडीएफ डाउनलोड करें। लिंक नीचे है।

संज्ञा उपाध्‍याय की तीन बाल कविताएँ इस वीडियो में हैं। ये प्राथमिक कक्षाओं के विद्यार्थियों के लिए उपयोगी हैं। इनमें से एक कविता कुछ इस तरह है :

मकड़ी जाला बुनती है
नहीं किसी की सुनती है

पूरे घर को देखभाल कर
कोने-अँतरे चुनती है

दम साधे जाले में बैठी
गुर शिकार के गुनती है

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खूब लड़ी मर्दानी, वो तो झॉंसी वाली रानी थी' कविता की लेखिका सुभ्रदा कुमारी चौहान की एक और कविता खिलौनेवाला का ऑडियो यहाँ प्रस्‍तुत है। कविता में बालमन की उड़ान है। हो सकता है कुछ विचारों से आप सहमत न हों, पर बालमन की बात तो सुननी ही चाहिए। तो इस कविता का प्रयोग आप कक्षा में भी कर सकते हैं।

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कक्षा शिक्षण योजना , कविता – कक्कू   NCERT  कक्षा -03 

कुछ गीत बहुत कमाल के होते हैं। और कुछ गीत कमाल करते हुए बन जाते हैं। हमारी लोककथाओं में ऐसे गीत बहुतायत में मिलते हैं। ऐसा ही एक गीत बुन्‍देलखण्‍डी बोली में है। इस गीत को सुन्‍दर चित्रों के साथ एकलव्‍य ने एक किताब के रूप में प्रस्‍तुत किया है।

इस गीत को भाषा की प्राथमिक कक्षाओं में उपयोग किया जा सकता है।

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