विचार और अनुभव

लर्निंग कर्व हिन्‍दी अंक 14 : जून, 2018 * इस अंक में

खण्‍ड क : परिप्रेक्ष्‍य

शिक्षक-शिक्षा और प्रबन्‍धन : नीति, व्‍यवहार और विकल्‍प * बी.एस. ऋषिकेश

अच्‍छे शिक्षक और ज्ञानार्जन * कृष्‍ण हरेश

इंसानियत और समाज के लिए ख़ास काम करने वाली जिन छह शख़्सियतों को इस बार प्रतिष्ठित रैमन मैगसेसे अवार्ड मिला है उनमें से दो भारत से हैं। ये हैं डॉक्टर भरत वातवानी और सोनम वांगचुक। पेशे से इंजीनियर सोनम वांगचुक ने अपनी नायाब सोच और साहस से हिमालय पार लद्दाख के लोगों की मुश्किलों को कम करने में बड़ी भूमिका निभाई है। आर्टिफिशियल ग्लेशियर का उनका प्रयोग आइस स्तूप दुनिया भर में सराहा गया। लद्दाख जैसे इलाके में अप्रैल और मई के महीने में फसलों के लिए पानी की कमी को दूर करने में उनका ये योगदान एक मील का पत्थर साबित होने जा रहा है। सोनम वांगचुक ने लद्दाख के दूर दराज के बच्चो

हिन्दी

उदयन वाजपेयी

अज़ीम प्रेमजी फाउण्‍डेशन, देहरादून द्वारा प्रकाशित पत्रिका 'प्रवाह' का दिसम्‍बर 2017 - फरवरी 2018 का अंक लोक साहित्‍य विशेषांक के रूप में आया है। लोक साहित्‍य से परिचय और उसका शिक्षा में कैसे उपयोग हो सकता है, इस संदर्भ में इसमें उपयोगी सामग्री है। अंक की पीडीएफ आप डाउनलोड कर सकते हैं।

हमारा देश विविधताओं वाला एक ऐसा देश है जहाँ व्यक्ति के सामाजिक जीवन से लेकर उसके अकादमिक जीवन तक में पर्याप्त विविधता देखी जा सकती है। बहरहाल, मैं यहाँ बात करने जा रहा हूँ आजकल देश भर में चल रहे परीक्षा परिणाम के मौसम की जिसमें मानसून की बारिश की तरह विभिन्न राज्यों व केन्द्रीय बोर्डों की परीक्षा में टॉप कर रहे बच्चों के बारे में दनादन और सनसनाती हुई खबरें आ रही हैं और हर शहर में जश्न हो रहा है और हम भी मदहोश हो चले हैं। इन परीक्षाओं में जिन बच्चों ने भी जिस किसी परीक्षा में टॉप किया है, और शत-प्रतिशत अंक लाकर प्रतिशत की वास्तविक पर

रामचन्‍द्र स्‍वामी

गुणात्मक शिक्षा का अर्थ है विद्यार्थी का चहुँमुखी विकास। कौशल विकास का अर्थ है शिक्षक द्वारा विद्यालय में ऐसा वातावरण तैयार करना, जिसमें बच्चे अपने अनुभवों के आधार पर शिक्षक के सहयोग से ज्ञान का सृजन कर सकें।

शिक्षक अपने अध्यापन कौशल के माध्यम से बालकों के सीखने की क्षमता में अपेक्षित संवर्द्धन कर कक्षा-कक्ष में आनन्ददायी शैक्षिक वातावरण तैयार कर सकता है।

अज़ीम प्रेमजी विश्वविद्यालय ‘पाठशाला – भीतर-बाहर’  नाम से शिक्षा पर केन्द्रित एक हिन्‍दी पत्रिका का प्रकाशन आरम्‍भ करने जा रहा है। इसका मुख्य मकसद है हिन्दी भाषा में शैक्षिक विमर्श समृद्ध हो। यह पत्रिका का लक्ष्‍य है कि वह जमीनी स्तर पर शिक्षा में काम करने वाले विभिन्न लोगों के अपने अनुभवों और उनके प्रश्नों के लिए संवाद और विवेचना का मंच बने। पत्रिका का पहला अंक जुलाई, 2018 में आने की सम्‍भावना है।

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