विचार और अनुभव

 

शैक्षिक दखल  : स्‍कूल कुछ हटकर -2 

अंक 11   जनवरी 2018

शिक्षकों को ही अवसर तलाशने होंगे : महेश पुनेठा

स्‍कूल को समुदाय से कैसे जोड़ा जाए : फेसबुक परिचर्चा

भोजन प्राचीन काल से ही समाज में पारस्परिक विचारों के आदान-प्रदान एवं सम्बन्धों की स्थापना का आधार रहा है। इसका एक प्रमुख कारण यह भी हो सकता है कि भोजन समाज की अनिवार्य आवश्यकता है चाहे वह समाज किसी भी स्‍तर का क्यों न हो ?

भोजन प्राचीन काल से ही समाज में पारस्परिक विचारों के आदान-प्रदान एवं सम्बन्धों की स्थापना का आधार रहा है। इसका एक प्रमुख कारण यह भी हो सकता है कि भोजन समाज की अनिवार्य आवश्यकता है चाहे वह समाज किसी भी स्‍तर का क्यों न हो ?

पिछले दिनों देश भर में स्‍कूलों में बच्‍चों द्वारा हिंसा किए जाने की घटनाऍं सामने आई हैं। जाहिर है इससे यह सवाल और ज्‍वलंत रूप में सामने आया है कि आखिर ऐसा क्‍यों हो रहा है। इसके लिए जिम्‍मेदार कौन है। क्‍या यह हमारी शिक्षा व्‍यवस्‍था की कमी है ? क्‍या इसके लिए अभिभावक दोषी हैं ? क्‍या समाज की इसमें कोई भूमिका है ? बढ़ते डिजीटल मीडिया का हाथ है?

अज़ीम प्रेमजी फाउण्‍डेशन, देहरादून द्वारा प्रकाशित पत्रिका 'प्रवाह' का मई-अगस्‍त,2017 का अंक शिक्षा के परिप्रेक्ष्‍य पर केन्द्रित है। इसमें विभिन्‍न लेखकों के कुल 23 लेख हैं। निश्चित ही यह शिक्षा के परिप्रेक्ष्‍य को समझने में मददगार होगा।

शिक्षा विमर्श के सितम्‍बर-अक्‍टूबर, 2017 अंक में

सम्‍पादकीय * प्रमोद

व्‍याख्‍यान *  शिक्षा का सतत संकट * कृष्‍णकुमार

लेख * रचनावादी शिक्षाशास्‍त्र * वर्जीनिया रिचर्डसन

दिसम्‍बर 2016 में देहरादून के प्रकाशन संस्‍थान ‘समय-साक्ष्‍य’ ने देहरादून लिटरेचर फेस्टिवल का आयोजन किया था। इस आयोजन में एक सत्र बालसाहित्‍य पर भी था। टीचर्स ऑफ इंडिया के हिन्‍दी सम्‍पादक राजेश उत्‍साही ( जो लम्‍बे समय तक एकलव्‍य की बालविज्ञान पत्रिका 'चकमक' के सम्‍पादन से जुड़े रहे हैं) को इस सत्र के लिए बीज व्‍यक्‍तव्‍य देने की जिम्‍मेदारी दी गई थी। इस अवसर पर उन्‍होंने जो वक्‍तव्‍य दिया उसका पाठ नीचे दिया गया है।

3 जनवरी को देश की पहली महिला शिक्षक सा‍वित्री बाई फुले का जन्‍मदिन है। सावित्री बाई फुले ने अपने पति ज्‍योतिराव फुले के साथ मिलकर समाज के निम्‍न तबकों के बच्‍चों के लिए शिक्षा उपलब्‍ध कराने का अभियान चलाया।

वर्षों पहले दूरदर्शन के लिए जाने-माने निर्देशक श्‍याम बेनेगल ने 'भारत एक खोज' शीर्षक से एक टीवी धारावाहिक बनाया था। यह भारत के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू की प्रसिद्ध पुस्‍तक ' भारत की खोज' पर आधारित है।

पूजा बहुगुणा

इस लेख के माध्यम से मैं अपनी  बेटी के किताबों के साथ बिताए  शुरुआती पल आपके साथ साझा करना चाहती हूँ। मेरी बेटी का नाम शुभावरी है, हम उसे प्यार से शुभा बुलाते हैं।   उसके साथ बिताए शुरुआती साल  और उनसे जुड़ी यादें मेरे लिए सीखने के सुनहरे अवसर लिए हुए थीं। इन्हीं यादों का एक अटूट हिस्सा है शुभा के साथ कहानियों की किताबें पढ़ना।  

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