अज़ीम प्रेमजी फाउण्डेशन

अज़ीम प्रेमजी फाउण्डेशन:
अज़ीम प्रेमजी फाउण्डेशन एक गैर-लाभकारी संस्था है। इसका उद्देश्य न्याय और समानता पर आधारित एक मानवीय, दीर्घकालिक समाज के निर्माण में योगदान देना है। फाउण्डेशन उस प्रक्रिया में मददगार होना चाहता है जो भारत में शिक्षा की गुणवत्ता और निष्पक्षता को गहरे तक, बड़े पैमाने पर प्रभावित कर  सके। साथ ही विकास प्रक्रिया से सम्बद्ध अन्य क्षेत्रों, जैसे बाल स्वास्थ्य, पोषाहार, प्रशासन एवं पर्यावरण में भी योगदान का इच्छुक है। अज़ीम प्रेमजी फाउण्डेशन मुख्य तौर से शिक्षा पर ध्यान केन्द्रित रखते हुए एक-दूसरे से सम्बद्ध इन सब क्षेत्रों से सम्बोधित होना चाहता है। प्रयास है कि एकीकृत दृष्टिकोण रखते हुए सहकार्य की भावना से गतिशीलता के साथ चुनौतियों का सामना किया जाए। फाउण्डेशन के कार्य की चार मुख्य धाराएँ हैं:

  • प्रतिभा का सृजन: काबिल, स्वप्नशील लोगों को पर्याप्‍त संख्या में विकसित करना जो सामाजिक तौर पर क्रियाशील रहने को इच्छुक और प्रेरित हों। इसमें नई प्रतिभाओं का विकास, मौजूदा शिक्षकों, शिक्षक-शिक्षकों, शिक्षा से सम्बद्ध अधिकारियों, मुखियाओं और विकास के क्षेत्र में लगे पेशेवर व्‍यक्तियों की क्षमता-निर्माण का कार्य शामिल है।
  • ज्ञान सृजन: ज्ञान और प्रमाण की रचना करना ताकि भारत के सन्दर्भ और संस्कृति में शिक्षा तथा विकास की चुनौतियों के हल निकाले जाने के लिए गहरी अन्तर्दृष्टि मिल पाए। इससे नीतियों तथा कार्यक्रमों में प्रमाण-आधारित निर्णय लेने की संस्कृति पनपती है।
  • संस्थाओं का ताना-बाना: देश भर में संस्थाओं का एक ऐसा ताना-बाना विकसित करना जो सक्रिय रहते हुए प्रतिभा विकास, ज्ञान-निर्माण तथा शिक्षा और सहायक क्षेत्रों में सुधार के लिए निरन्तरता के साथ लम्बे दौर तक काम करे।

सामाजिक दबाव: शिक्षा और विकास के मुद्दों पर समुदाय और अधिकारियों के सोचने के तरीकों में बदलाव लाना। यह भिन्न-भिन्न संस्थाओं के एक मजबूत ताने-बाने, निरन्तर शिक्षा, जमीनी स्तर पर प्रभाव और जागरूकता कायम करके ही सम्भव है। इस प्रकार गुणवत्ता तथा निष्पक्षता के लिए सामाजिक दबाव बना पाने में मददगार होना।

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