वाह विज्ञान : अरविन्‍द गुप्‍ता

गम्‍भीर शिक्षकों ने हमेशा ही यह सवाल उठाया है कि पैसों और साधनों के अभाव में भारत में क्रियाओं द्वारा विज्ञान कैसे संभव होगा। दुनिया भर का यही अनुभव है - रेडीमेड विज्ञान की किट्स कभी उपयोग में नहीं लाई जातीं। उन पर धूल जमती है। जो मॉडल बच्चे और शिक्षक खुद मिलकर बनाते हैं वही अधिक उपयोगी होते हैं। सस्ते साज सामान से विज्ञान के सरल मॉडल बनाने की अपार संभावनाएँ हैं। द्वितीय महायुद्ध में तमाम देश तबाह हुए। आर्थिक तंगी में कई देशों ने स्कूल इमारतों के निर्माण का काम तो पूरा किया, परन्तु उसके बाद उनके पास विज्ञान की प्रयोगशालाएँ रचने के लिए धन नहीं बचा। क्योंकि प्रयोगशालाएँ अक्सर मँहगी होती हैं।1950 के दशक में एक ब्रिटिश स्कूल शिक्षक जे. पी. स्टीफनसन ने एक पुस्तक लिखी जिसमें उसने साधारण, सस्ते सामान से विज्ञान के सरल मॉडल बनाने की संभावनाएँ दिखाईं। इस पुस्तक का नाम था ‘सजेशंस फॉर साइंस टीचर्स इन डिवास्टेटिड कंट्रीज’। इस पुस्तक का पूरी दुनिया में डंका फैला। मँहगे और फैंसी विज्ञान के उपकरणों और गरीब बच्चों की जिन्‍दगी में एक गहरा अलगाव होता है। बाद में यूनेस्को ने इस पुस्तक की कल्पना और दृष्टि को आगे बढ़ाया। और ‘यूनेस्‍को सोर्स बुक फार साइंस टीचिंग’ के नाम से प्रकाशित किया। इसे आज भी क्रियात्‍मक विज्ञान की सबसे अच्‍छी किताब समझा जाता है। 1963 में इस किताब का हिन्‍दी,मराठी और कुछ प्रांतीय भाषाओं में अनुवाद हुआ था। लेकिन प्रांतीय भाषाओं के अनुवाद अब उपलब्‍ध नहीं हैं।

23 अप्रैल को विश्‍व पुस्‍तक एवं  कॉपीराइट दिवस है। एक तरफ जहॉं व्‍यावसायिक प्रकाशक और लेखक भी अपनी किताबों के कॉपीराइट यानी लेखकीय अधिकारों के लिए चिंतित हैं, वहीं अरविन्‍द गुप्‍ता जैसे व्‍यक्ति भी हैं, जो अपनी लिखी हुई किताबें सबको मुफ्त में देने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उनकी किताब 'वाह विज्ञान ' में  कबाड़ से बनाए  जाने वाले तमाम खिलौनों  और किए जाने वाले प्रयोगों का विवरण दिया गया है। इस किताब का उपयोग आप भी अपने बच्‍चों के साथ कर सकते हैं।

प्रेरित शिक्षक जड़ नियमों और कानूनों से हताश नहीं होते हैं। वे पाठ्यक्रमों के बोझ के तले दबते नहीं हैं। इसकी बजाए वे बच्चों के साथ अपना एक विशेष स्थान बनाते हैं। उन्हें बच्चों के असीमित जोश और संभावनाओं पर विश्वास होता है। ब्लैकबोर्ड और रटने की विधि की सीमाएँ वे जानते हैं। वे विज्ञान क्रियाओं के जादू से अवगत होते हैं। बच्चों को उनमें बेहद आनंद आता है। विज्ञान गतिविधियों के आयोजन में वे बच्चों का सहयोग लेते हैं। आसपास के फेंके हुए कबाड़ से वे बच्चों को विज्ञान के मॉडल और रोचक खिलौने बनाने के लिए प्रेरित करते हैं। विज्ञान की गतिविधियों पर यह मेरी बारहवीं पुस्तक है। अब मेरी सभी पुरानी पुस्तकें डिजिटल संस्करणों में उपलब्ध् हैं। उनको आसानी से मेरी वेबसाइट से डाउनलोड किया जा सकता है। रंगीन फोटो की किताब बहुत मँहगी होगी। इसलिए मेरी किसी पुस्तक में फोटो नहीं हैं। परन्‍तु अब मेरी वेबसाइट पर विज्ञान मॉडल बनाने के हजारों रंगीन फोटोग्राफ्रस हैं। उनके साथ हजारों विडियो और रोचक पुस्तकों को मेरी वेबसाइट से मुफ्त में डाउनलोड किया जा सकता है। http://arvindguptatoys.com

0 'वाह विज्ञान' में अरविन्‍द गुप्‍ता

डाउनलोड करें: 297.ahaactivities-arvindgupta.pdf
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