क्‍या शिक्षक भी मजदूर है?

By editor_hi | मई 1, 2013

मई दिवस पर फेसबुक पर एक स्‍टेटस देखा, ‘जो भी रोजी-रोटी के लिए अपने श्रम (शारीरिक, मानसिक, रचनात्मक) को अपने मालिक की शर्तों पर बेचता है, वही मजदूर होता है।’ इस परिभाषा को मानें तो क्‍या शिक्षक भी मजदूर है? क्‍या सोचते हैं आप?

manohar chamoli 'manu' का छायाचित्र

शिक्षक श्रम तो करता ही है शारीरिक , मानसिक और रचनात्मक भी। लेकिन ये श्रम अन्य श्रमों से इतर भी तो है। एक घंटे की खुदाई के श्रम का परिणाम कुछ मीटर गहराई की मिट्टी खाली करना हो सकता है। लेकिन शिक्षक के श्रम का आकलन और परिणाम तो किसी छात्र में आजीवन दिखायी और उतरोत्तर बढ़ते क्रम में हो सकता है।

praveentriovedi009 का छायाचित्र

यदि विचार की गतिशीलता है तो शिक्षक कभी भी 'मजदूर' ना बन सकता है और ना ही कोई उसे मजदूर बनाना चाहेगा। लेकिन आज पूरी साजिश/तैयारी है शिक्षक को मजदूर ही नहीं ....बंधुआ मजदूर बनाने की।

शिक्षा के बाजारीकरण में ...... मुनाफे के अलावा सब मजदूर हैं ...भाई ! :(

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