कक्षा प्रबंधन

By rajeshgurjar | फ़रवरी 3, 2017

सेल्फ लर्निंग के लिए कक्षा का फेसिलिटेशन कैसे किया जाये | हमारे विद्यार्थियों में रटने की प्रवृत्ति को रोककर वे खुद से चीजों को अपने अनुभव से जोड़कर सीखें | इसके लिए हमें कक्षा का फेसिलिटेशन कैसे करना चाहिए ? किन किन बातों का ध्यान रखना चाहिए ? इसके क्या क्या सकारात्मक व नकारात्मक परिणाम हो सकते हैं ?

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चर्चा शुरू करने के लिए अच्‍छा रहेगा कि राजेश जी आप स्‍वयं जो तरीके अपनाते रहे हैं, उनके बारे में संक्षिप्‍त में बताएँ।
राजेश उत्‍साही

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सामान्यतः मैं अपनी कक्षा में विद्यार्थियों को स्तरानुसार समूह मैं बैठाकर पढ़ाता हूँ | जो भी पाठ/टॉपिक पढ़ाने वाला हूँ उससे सम्बंधित समस्त TLM कक्षा में उपलब्ध हो यह सुनिश्चित करता हूँ | पढ़ने के दौरान मेरा फोकस रहता है कि पाठ को विद्यार्थी खुद पढ़ें | पाठ के कठिन शब्दों के अर्थ विद्यार्थी आपस में चर्चा करके या लाइब्रेरी से खुद ढूंढे | अपने पूर्व अनुभवों से पाठ की समझ को जोड़ें | इसके लिए जहाँ विद्यार्थी चर्चा से भटकते हैं वहां उन्हें वापस विषय पर मोड़ने का काम करता हूँ | विद्यार्थियों द्वारा पूछे गए किसी भी प्रश्न का सीधा जवाब नहीं देता हूँ | पहले मेरी कोशिश रहती है कि जवाब भी उन्ही में से कोई बताये या किताब या लाइब्रेरी से ढूंढकर कक्षा के विद्यार्थी ही सवाल का जवाब बताएं | अगर सवाल का जवाब ढूढने में उन्हें दिक्कत होती है तो वहां मैं विद्यार्थियों की मदद करता हूँ | एक भाषा कक्षा में मैं यह सुनिश्चित करता हूँ कि पाठ पढ़ाने के दौरान बच्चे बोलने पढ़ने व लिखने से सम्बंधित अभ्यास करें | इस पूरे प्रोसेस में कक्षा के कुछ बच्चे बराबर भागीदारी नहीं निभा पाते हैं यह मुख्य चुनौती मेरे सामने है | ये ऐसे बच्चे हैं जिन्हें अभी धाराप्रवाह पढने में दिक्कत है |

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