कोरोना वायरस वायरस 2019 के बारे में बच्चों के साथ बात करना

चूँकि कोरोनो वायरस बीमारी 2019 (COVID-19) के बारे में चर्चा हो रही है। बच्‍चे भी इस बात को लेकर चिंतित हैं कि वे स्‍वयं, उनका परिवार, उनके दोस्‍त इससे बीमार न हो जाएँ। माता-पिता, परिवार के सदस्य, स्कूल के कर्मचारी और अन्य भरोसेमंद वयस्क बच्चों की मदद करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। क्‍योंकि बच्‍चे ऐसा समझते हैं कि उक्‍त सब लोग ईमानदार, सही बात करने वाले हैं और वे उनकी चिंता या भय को कम करते हैं। CDC  (Centers for Disease Control and Prevention) ने  COVID-19 के बारे में बच्चों के साथ बातचीत करने और उन्हें बीमारी को रोकने और फैलाने में मदद करने के लिए एक मार्गदर्शिका  बनाई है।

माता-पिता, स्कूल स्टाफ और बच्चों के साथ काम करने वाले अन्य लोगों के लिए संदेश

बच्चों से बात करने के सामान्य सिद्धांत

शांत और आश्वस्त रहें।

याद रखें कि आप जो कहते हैं और जिस तरह से कहते हैं, बच्‍चे उस पर प्रतिक्रिया व्‍यक्‍त करते हैं। वे आपके और अन्य लोगों के साथ हुई बातचीत को भी ध्‍यान से सुनते हैं और उससे संकेत ग्रहण करते हैं।

बच्‍चों की बात सुनने और उनसे बात करने के लिए खुद को उपलब्ध कराएँ।

बच्‍चों से बात करने का समय निकालें। यह सुनिश्चित करें कि बच्चे जानते हैं कि वे आपके पास कोई भी सवाल पूछने कभी भी आ सकते हैं।

ऐसी भाषा से बचें जो दूसरों पर दोषारोपण करती है

याद रखें कि कोई भी वायरस किसी व्यक्ति की नस्ल या जातीयता की परवाह किए बिना किसी को भी बीमार बना सकते हैं। COVID-19 किसे हो सकता है, इसके बारे में काल्‍पनिक धारणा बनाने और फैलाने से बचें।

टेलीविजन, रेडियो या ऑनलाइन पर बच्चे क्या देखते या सुनते हैं, इस पर ध्यान दें।

आमतौर पर यह तो हर बात के लिए लागू होना चाहिए, पर इन दिनों संचार माध्‍यमों में COVID-19 पर केंद्रित समय की मात्रा को कम करने पर विचार करें। एक विषय पर बहुत अधिक जानकारी भी अधिक चिंता करने का कारण बन सकती है।

ऐसी जानकारी दें जो सही और सटीक हो।

बच्चों को ऐसी जानकारी दें जो बच्चे की उम्र और विकास के स्तर के हिसाब से लिए सही और उपयुक्त हो।

बच्चों को बताएँ कि इंटरनेट और सोशल मीडिया पर COVID-19 के बारे में चल रही कुछ कहानियाँ कैसे अफवाहों और गलत सूचनाओं पर आधारित हो सकती हैं।

कीटाणुओं के प्रसार को कम करने के लिए बच्चों को दैनिक क्रियाएँ सिखाएँ।

बच्चों को समझाएँ कि वे खाँसी या छींकने या बीमार लोगों से दूर रहें।  खाँसी या छींक आने पर उसे अपनी मुड़ी हुई कोहनी पर या टिसू पेपर पर झेलें। टिसू पेपर को कचरे के डिब्‍बे में फेंकने के लिए भी कहें। 

बच्चों और स्कूल के कर्मचारियों की सुरक्षा में मदद करने के लिए स्कूल में किए जा सकने जाने वाले नए कार्यों पर चर्चा करें।
(जैसे बार-बार हाथ धोने के लिए कहना, स्‍कूल में होने वाले कार्यक्रम या गतिविधियों को रद्द करना)

बच्चों को हैंडवाशिंग की आदत डालें।

उन्हें कम से कम 20 सेकंड के लिए अपने हाथों को साबुन और पानी से धोना सिखाएँ, खासकर उनकी नाक बहने, खाँसने या छींकने के बाद;  शौच जाने के बाद ; और खाना बनाने या खाने से पहले।

यदि साबुन और पानी उपलब्ध नहीं है, तो उन्हें हैंड सैनिटाइज़र का उपयोग करना सिखाएँ। हैंड सैनिटाइजर में कम से कम 60% अल्कोहल होना चाहिए। छोटे बच्चों का ध्‍यान रखें जब वे हैंड सैनिटाइजर का उपयोग कर रहे हों। वे सैनिटाइजर को अपने मुँह में न लें। खासकर स्कूलों और चाइल्डकैअर सुविधाओं में।

बच्चों के साथ चर्चा के लिए COVID-19 के बारे में तथ्य

उनको दी जाने वाली जानकारी को सरल रखने की कोशिश करें और उन्हें याद दिलाएँ कि स्वास्थ्यकर्मी और स्कूल के अधिकारी सभी को सुरक्षित और स्वस्थ रखने के लिए कड़ी मेहनत कर रहे हैं।

COVID-19 क्या है?

COVID-19 "कोरोनावायरस बीमारी 2019" का संक्षिप्त नाम है। यह एक नया वायरस है। डॉक्टर और वैज्ञानिक अभी भी इसके बारे में सीख रहे हैं। जानकारियाँ जुटा रहे हैं।

हाल ही में, इस वायरस ने बहुत से लोगों को बीमार कर दिया है। वैज्ञानिकों और डॉक्टरों को लगता है कि बीमार लोगों में से ज्यादातर लोग ठीक होंगे, खासकर बच्चे, लेकिन कुछ लोग गंभीर रूप से बीमार हो सकते हैं।

डॉक्टर और स्वास्थ्य विशेषज्ञ लोगों को स्वस्थ करने और रखने में मदद करने के लिए कड़ी मेहनत कर रहे हैं।

COVID-19 से बचने के लिए आप क्या कर सकते हैं?

आप घर, स्कूल में स्वस्थ आदतों का अपना सकते हैं और COVID-19 को फैलने से बचाने में मदद कर सकते हैं:

खाँसी या छींक को अपनी कोहनी या टिसू पेपर पर झेलें। टिसू पेपर को तुरंत कचरे में फेंक दें।

अपने हाथों को अपने मुँह, नाक और आँखों से दूर रखें। यह आपके शरीर से कीटाणुओं को दूर रखने में में मदद करेगा।कम से कम 20 सेकंड के लिए अपने हाथों को साबुन और पानी से धोएँ। इन पाँच चरणों का पालन करें – हाथों को गीला करें, साबुन लगाएँ, उसके बुलबुले बनाएँ, रगड़ें, धोएँ और सुखाएँ ।

चीजों को साफ रखें। बड़े बच्चे घर और स्कूल की चीजों को साफ-सुथरा रखने में वयस्कों की मदद कर सकते हैं,  जैसे डेस्क, दरवाजों के हैंडिल, लाइट स्विच और रिमोट कंट्रोल।

यदि आप बीमार महसूस करते हैं, तो घर पर रहें। जैसे आप दूसरे लोगों के कीटाणुओं को अपने शरीर से दूर रखना चाहते हैं,  वैसे ही दूसरे लोग आपके कीटाणुओं से स्‍वयं को दूर रखना  चाहेंगे।

COVID-19 से बीमार होने पर क्या होता है?

COVID-19 अलग-अलग लोगों में अलग दिख सकता है। कई लोगों के लिए, COVID-19 से बीमार होना फ्लू जैसा है। लोगों को बुखार, खाँसी हो सकती है, या गहरी साँस लेने में तकलीफ हो सकती है। COVID -19 से ग्रसित अधिकांश लोग गंभीर बीमार नहीं हुए हैं। गंभीर रूप से बीमार होने वाले लोगों की संख्‍या बहुत कम है। डॉक्टरों ने अब तक जो देखा है, उससे लगता है कि बच्चे बहुत गंभीर बीमार नहीं हैं। जबकि बहुत सारे वयस्क जो बीमार हो जाते हैं, उनमें से  ज्यादातर वयस्क ठीक हो जाते हैं।

यदि आप बीमार पड़ते हैं, तो इसका मतलब यह नहीं है कि आप COVID-19 से ग्रसित हैं। लोग हर तरह के कीटाणुओं से बीमार हो सकते हैं। यह याद रखना महत्वपूर्ण है कि यदि आप बीमार पड़ते हैं, तो घर और स्कूल के वयस्कों को आपकी जरूरत के हिसाब से मदद मिलेगी।

यदि आपको संदेह है कि आपके बच्चे या परिवार के किसी व्‍यक्ति को COVID-19 हो सकता है, तो डॉक्‍टर के पास जाने या अस्‍पताल ले जाने से पहले उन्‍हें सूचित करें, ताकि वे उसकी जाँच की आवश्‍यक तैयारी कर सकें।


यह  https://www.cdc.gov/coronavirus/2019-ncov/community/schools-childcare/ta... पर प्रकाशित और प्रसारित जानकारी का हिन्‍दी अनुवाद है।

टिप्पणियाँ

ananas.kumar का छायाचित्र

सामयिक और जानकारीयुक्त..

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