जीवन के लिए भूगोल : एक गतिविधि

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बुनियादी जानकारी

भौगोलिक दृष्टि से शिक्षित एक व्‍यक्ति में स्‍थान के सन्‍दर्भ में प्रमुख प्राकृतिक व मानव निर्मित वस्‍तुओं के संघटन को देखने की और मानव जीवन के सम्‍बन्‍ध में इनके महत्‍व व निहितार्थ को समझने की क्षमता होती है। उनमें इनसे उत्‍पन्‍न होने वाली जटिलताओं को समझने की भी क्षमता होती है। ‘भूगोल का प्रभाव व महत्‍व’ न केवल उन्‍हें वर्तमान घटनाओं की जटिलता को समझने में मदद करता है बल्कि दीर्घकालिक साधनों व तरीकों के माध्‍यम से ‘भौगोलिक दृष्टि से उपयुक्‍त’ भविष्‍य की योजना बनाने में भी मददगार होगा।

अवधि : 
(दिन )
परिचय: 

भौगोलिक दृष्टि से शिक्षित एक व्‍यक्ति में स्‍थान के सन्‍दर्भ में प्रमुख प्राकृतिक व मानव निर्मित वस्‍तुओं के संघटन को देखने की और मानव जीवन के सम्‍बन्‍ध में इनके महत्‍व व निहितार्थ को समझने की क्षमता होती है। उनमें इनसे उत्‍पन्‍न होने वाली जटिलताओं को समझने की भी क्षमता होती है। ‘भूगोल का प्रभाव व महत्‍व’ न केवल उन्‍हें वर्तमान घटनाओं की जटिलता को समझने में मदद करता है बल्कि दीर्घकालिक साधनों व तरीकों के माध्‍यम से ‘भौगोलिक दृष्टि से उपयुक्‍त’ भविष्‍य की योजना बनाने में भी मददगार होगा ।

 

उद्देश्‍य : 

उद्देश्‍य : इस गतिविधि के जरिए प्रशिक्षक का उद्देश्‍य यह दिखाना है कि किस प्रकार अतीत व वर्तमान की विश्‍व की प्राकृतिक, सांस्‍कृतिक, सामाजिक, आर्थिक स्थितियों को समझने के लिए भूगोल की जानकारी आवश्‍यक है। साथ ही इस जानकारी व ज्ञान का इस्‍तेमाल भविष्‍य में की जानेवाली ऐसी कार्यवाही की योजना बनाने के लिए करना जो कि भौगोलिक दृष्टि से उपयुक्‍त व टिकाऊ हो।

गतिविधि चरण: 

 सामग्री व तैयारी  

  1. 6 कार्ड्स का एक समूह तैयार करें जो कि भूगोल के निम्‍न 6 तत्‍वों को दर्शाते हों:

अ. स्‍थानिक सन्‍दर्भ में विश्‍व 

ब. स्‍थान एवं प्रदेश 

स. प्राकृतिक तंत्र

द. मानवीय तंत्र

ई. पर्यावरण एवं समाज

फ. भूगोल के उपयोग

2. नीचे दिए गए बिन्‍दुओं को ध्‍यान में रखते हुए 18 कार्ड्स का एक समूह बनाएँ जिनमें ऊपर दिए गए भूगोल के इन 6 तत्‍वों के महत्‍व, सिद्धान्‍तों व इनकी सीमाओं/गुंजाइशों के बारे में वर्णन किया गया हो। भूगोल के इन 6 तत्‍वों के अन्‍तर्गत आनेवाले उपसमूह इस प्रकार हैं।

  1. सूचना देने के लिए स्‍थान सम्‍बन्‍धी सोच (spatial thinking) में नक्‍शे व भू-प्रतिनिधि यंत्रों का उपयोग।
  2. स्‍थान के सन्‍दर्भ में लोगों, स्‍थानों व पर्यावरण को व्‍यवस्थित करने के लिए मानसिक नक्‍शों का उपयोग।
  3. पृथ्‍वी पर मौजूद लोगों, स्‍‍थानों व पर्यावरण की व्‍यवस्‍था का विश्‍लेषण करना।
  4. स्‍थानों की प्राकृतिक व मानवीय विशेषताएँ।
  5. पृथ्‍वी की जटिलता की व्‍याख्‍या करने के लिए मानवों द्वारा बनाए गए क्षेत्र ।
  6. स्‍थानों व क्षेत्र के बारे में लोगों की समझ को संस्‍कृति व अनुभव किस प्रकार प्रभावित करते हैं।
  7. प्राकृतिक प्रक्रियाएँ जो पृथ्‍वी की सतह के पैटर्नों को आकार देती हैं।
  8. पृथ्‍वी की सतह पर पारिस्थितिक तंत्र व बायोम (पौधों और जानवरों का ऐसा समूह जो किसी क्षेत्र विशेष में पाए जाते हैं। जैसे जंगल, मरुस्‍थल, वर्षावन आदि)  का स्‍थानिक वितरण व विशेषताएँ।
  9. मानव जनसमुदाय की विशेषताएँ, वितरण व प्रवासन।
  10. पृथ्‍वी के जटिल सांस्‍कृतिक मोजेक (विभिन्‍न प्रजातियों, भाषाओं व संस्‍कृतियों का मिश्रण जो समाज में एक साथ मिलजुलकर रहते हैं)   की जटिलता, वितरण व विशेषताएँ।
  11.  आर्थिक निर्भरता के नेटवर्कस व पैटर्नस।  
  12.  मानव बस्‍ती की प्रक्रियाएँ, पैटर्नस व उनके कार्य।
  13. सहयोग व संघर्ष/विरोध की ताकतें किस प्रकार पृथ्‍वी के नियंत्रण व  विभाजन को प्रभावित करती हैं।
  14. मानवीय गतिविधियाँ किस प्रकार पर्यावरण को परिवर्तित करती हैं।
  15. प्राकृतिक तंत्र किस प्रकार मानवीय तंत्र को प्रभावित करते हैं।
  16. संसाधनों के अर्थ, उपयोग, वितरण व उनके महत्‍व में होनेवाले परिवर्तन।
  17. अतीत की व्‍याख्‍या करने के लिए भूगोल का प्रयोग करना।
  18. वर्तमान की व्‍याख्‍या करने और भविष्‍य की योजना बनाने के लिए भूगोल का प्रयोग करना।  

3. इनसे मेल खाते समाचारों को अखबारों/पत्रिकाओं से इकट्ठा करें (जैसे कि स्‍कैनड चित्रों में दिखाया गया है। यहाँ अँग्रेजी अखबार की कतरनें हैं। आप हिन्‍दी अखबारों से ऐसे समाचारों की कतरनें काटकर एकत्रित कर सकते हैं। ) प्रशिक्षक समाचार को पूरा पढ़कर उसमें से सम्‍बन्धित हिस्‍से को विशेष रूप से दर्शाएँ।

चरण :                       

  1. प्रतिभागियों के 3 या 4 के समूह बनाएँ और प्रत्‍येक समूह को अ, ब, स, द,ई  और फ में से कोई एक कार्ड दिया जाए। उन्‍हें उस पर चर्चा के लिए 8-10 मिनट का समय दिया जाए।
  2. प्रत्‍येक समूह दूसरे समूहों से अपनी समझ साझा करे। बाकी के प्रतिभागी भी अपने विचारों और प्रश्‍नों के जरिए इसमें भागीदारी करें।
  3. अब उपसमूहों के 18 कार्ड्स बिना किसी योजना के सभी समूहों के बीच बाँट दें। लेकिन ध्‍यान रहे कि प्रत्‍येक समूह को बराबर संख्‍या में कार्ड्स मिलें। समूह के सदस्‍य इन विषयों पर आपस में चर्चा करें और फिर बड़े समूह में साझा करें।
  4. सभी प्रतिभागी एक बड़ा समूह बनाकर एक साथ बैठें और उपसमूह के कार्डों का भूगोल के तत्‍व वाले 6 कार्डों से मिलान करें और एक बार फिर से इस पर चर्चा करें।
  5. प्रशिक्षक प्रतिभागियों को समाचार पत्र दें। प्रशिक्षक/प्रतिभागी समाचार को पढ़ेंगे (मुख्‍य समाचार व हाईलेटेड भाग) और अन्‍य साथियों को संक्षिप्‍त में समाचार से अवगत कराएँगे, उस पर चर्चा करेंगे और उन्‍हें उपयुक्‍त वर्ग के अन्‍तर्गत रखेंगे।

इन्‍हें इस प्रकार व्‍यवस्थित किया जा सकता है :

. स्‍थानिक सन्‍दर्भ में विश्‍व

  1. सूचना देने के लिए स्‍थान सम्‍बन्‍धी सोच (spatial thinking) में नक्‍शे व भू-प्रतिनिधि यंत्रों का उपयोग।
  2. स्‍थान के सन्‍दर्भ में लोगों, स्‍थानों व पर्यावरण को व्‍यवस्थित करने के लिए मानसिक नक्‍शों का उपयोग।
  3. पृथ्‍वी पर मौजूद लोगों, स्‍‍थानों व पर्यावरण की व्‍यवस्‍था का विश्‍लेषण करना।

. स्‍थान एवं प्रदेश

  1. स्‍थानों की प्राकृतिक व मानवीय विशेषताएँ।
  2. पृथ्‍वी की जटिलता की व्‍याख्‍या करने के लिए मानवों द्वारा बनाए गए क्षेत्र ।
  3. स्‍थानों व क्षेत्र के बारे में लोगों की समझ को संस्‍कृति व अनुभव किस प्रकार प्रभावित करते हैं।

. प्राकृतिक तंत्र

  1. प्राकृतिक प्रक्रियाएँ जो पृथ्‍वी की सतह के पैटर्नों को आकार देती हैं।
  2. पृथ्‍वी की सतह पर पारिस्थितिक तंत्र व बायोम (पौधों और जानवरों का ऐसा समूह जो किसी क्षेत्र विशेष में पाए जाते हैं। जैसे जंगल, मरुस्‍थल, वर्षावन आदि)  का स्‍थानिक वितरण व विशेषताएँ।

 . मानवीय तंत्र

  1. मानव जनसमुदाय की विशेषताएँ, वितरण व प्रवासन।
  2. पृथ्‍वी के जटिल सांस्‍कृतिक मोजेक (विभिन्‍न प्रजातियों, भाषाओं व संस्‍कृतियों का मिश्रण जो समाज में एक साथ मिलजुलकर रहते हैं)   की जटिलता, वितरण व विशेषताएँ।
  3. आर्थिक निर्भरता के नेटवर्कस व पैटर्नस। 
  4. मानव बस्‍ती की प्रक्रियाएँ, पैटर्नस व उनके कार्य।
  5. सहयोग व संघर्ष/विरोध की ताकतें किस प्रकार पृथ्‍वी के नियंत्रण व विभाजन को प्रभावित करती हैं।

  . पर्यावरण एवं समाज

  1. मानवीय गतिविधियाँ किस प्रकार पर्यावरण को परिवर्तित करती हैं।
  2. प्राकृतिक तंत्र किस प्रकार मानवीय तंत्र को प्रभावित करते हैं।
  3. संसाधनों के अर्थ, उपयोग, वितरण व उनके महत्‍व में होनेवाले परिवर्तन।

  . भूगोल के उपयोग

  1. अतीत की व्‍याख्‍या करने के लिए भूगोल का प्रयोग करना।
  2. वर्तमान की व्‍याख्‍या करने और भविष्‍य की योजना बनाने के लिए भूगोल का प्रयोग करना।

तपस्‍या साहा : स्रोत व्‍यक्ति, अज़ीम प्रेमजी फाउण्‍डेशन, बेंगलुरु ।  अँग्रेजी से अनुवाद : कविता तिवारी

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